मनीष गौतम हत्याकांड का पर्दाफाश: प्रॉपर्टी कमीशन और आपसी रंजिश बनी हत्या की वजह; 01 गिरफ्तार, 03 नाबालिग निरुद्ध
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मनीष गौतम हत्याकांड का पर्दाफाश: प्रॉपर्टी कमीशन और आपसी रंजिश बनी हत्या की वजह; 01 गिरफ्तार, 03 नाबालिग निरुद्ध

जयपुर 21 अप्रैल। बारां शहर के चर्चित मनीष गौतम उर्फ बिट्टू शर्मा हत्याकांड में बारां पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए मुख्य साजिश का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु के निर्देशन में पुलिस ने एक आरोपी राकेश उर्फ राहुल जाटव (23) निवासी बरड़िया बालाजी बस्ती को गिरफ्तार और तीन नाबालिगों को निरुद्ध किया है। जाँच में सामने आया है कि यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं, बल्कि प्रॉपर्टी विवाद और रंजिश के चलते रची गई एक गहरी साजिश थी।
एसपी अंदासु ने बताया कि पुलिस अनुसंधान के अनुसार मृतक मनीष गौतम पहले मुख्य आरोपी राजेन्द्र गहलोत का ट्रैक्टर ड्राइवर था। बाद में वह राजेन्द्र और उमेष नागर के साथ प्रॉपर्टी का काम करने लगा। विवाद तब शुरू हुआ जब मनीष ने अपनी मौसी की जमीन कम दाम में राजेन्द्र और उमेष को बिकवाई, लेकिन उन्होंने मनीष को उसका तय कमीशन नहीं दिया।
इसी विवाद के चलते 3 महीने पहले मनीष ने उमेष नागर के साथ मारपीट की थी और वह सोशल मीडिया पर राजेन्द्र व उसके भाई कमल को मारने की धमकियां भी दे रहा था। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए आरोपियों ने नाबालिगों के साथ मिलकर मनीष की हत्या का खौफनाक प्लान तैयार किया।
वारदात का घटनाक्रम
दिनांक 17 अप्रेल की रात करीब 11:00 बजे मनीष गौतम उर्फ बिट्टू जब अपने घर लौट रहा था, तब रास्ते मे आधा दर्जन से अधिक हमलावरों ने उसे घेर लिया। हमलावरों ने चाकूओं से ताबड़तोड़ वार कर मनीष को मौत के घाट उतार दिया। मृतक के पिता अशोक कुमार गौतम की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली बारां में हत्या का मामला दर्ज किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार वारदात के समय मुख्य रूप से कमल गहलोत, राजेन्द्र गहलोत, मुकेश यादव और राहुल यादव ने मनीष पर चाकूओं से ताबड़तोड़ वार किए।
घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी के सुपरविजन और थानाधिकारी कोतवाली भजनलाल प्रोबेशनर आरपीएस, थानाधिकारी कवाई राजपाल सिंह के नेतृत्व में डीएसटी और साइबर सेल को लेकर 4 विशेष टीमों का गठन किया गया। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने राकेश उर्फ राहुल जाटव (23) को गिरफ्तार कर लिया है और 3 नाबालिगों को निरुद्ध किया गया है। साथ ही वारदात के बाद भागने में प्रयुक्त एक कार भी जप्त की है।
मुख्य आरोपी राजेन्द्र गहलोत और उमेष नागर फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस ने साफ किया है कि मामले में किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।