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राजस्थान में कराकल संरक्षण हेतु “प्रोजेक्ट कराकल” का शुभारंभ
रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित
जयपुर, 15 अप्रैल। राजस्थान वन विभाग द्वारा सवाई माधोपुर स्थित रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में “राजस्थान में कराकल संरक्षण” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन कर प्रोजेक्ट कराकल का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला में राज्यभर से वन्यजीव विशेषज्ञ, वरिष्ठ वन अधिकारी, शोधकर्ता एवं संरक्षण क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में भारतीय वन्यजीव संस्थान के निदेशक डॉ. जी. एस. भारद्वाज, श्री के. सी. ए. अरुण प्रसाद सहित राज्य वन्यजीव बोर्ड के सदस्य, विभिन्न टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर, डिवीजनल फॉरेस्ट अधिकारी तथा प्रख्यात विशेषज्ञ डॉ. शोमिता मुखर्जी, डॉ. अयान साधु, डॉ. धर्मेंद्र खंडाल एवं श्री बलेंदु सिंह उपस्थित रहे।
कार्यशाला में एशियाई कराकल, जो एक दुर्लभ एवं कम दिखाई देने वाली जंगली बिल्ली है, के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि आवास के क्षरण, विखंडन तथा शिकार प्रजातियों में कमी के कारण इसकी संख्या में गिरावट आई है, जिससे इसके संरक्षण हेतु समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।
कार्यशाला के दौरान कराकल की वर्तमान स्थिति, वितरण, आवास, पारिस्थितिकी एवं जनसंख्या प्रवृत्तियों के साथ-साथ इसके समक्ष मौजूद चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रोजेक्ट कराकल के अंतर्गत प्रजाति के वितरण का वैज्ञानिक आकलन, महत्वपूर्ण आवासों की पहचान एवं संरक्षण, निगरानी एवं अनुसंधान तंत्र को सुदृढ़ करना तथा स्थानीय समुदायों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
चर्चा के प्रमुख बिंदुओं में रणथम्भौर, मुकुंदरा हिल्स एवं रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व सहित विभिन्न क्षेत्रों में कराकल की स्थिति का आकलन, संरक्षण रणनीतियों का निर्धारण एवं निगरानी प्रणाली को प्रभावी बनाना शामिल रहा।
उक्त परियोजना का नेतृत्व डॉ. शोमिता मुखर्जी द्वारा प्रधान अन्वेषक के रूप में किया जा रहा है, जबकि डॉ. अयान साधु एवं डॉ. धर्मेंद्र खंडाल सह-प्रधान अन्वेषक के रूप में सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
राजस्थान वन विभाग द्वारा भारतीय वन्यजीव संस्थान, SACON एवं टाइगर वॉच के सहयोग से प्रारंभ की गई यह पहल राज्य में जैव विविधता संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा सभी गणमान्य अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।
