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“तपती गर्मी का असर तेजः स्वास्थ्य विभाग ने की आमजन के लिए एडवाइजरी जारी”
बढ़ती गर्मी से बचाव के लिए हल्के सूती कपड़े पहनें, पर्याप्त पानी पिएं और धूप में अनावश्यक बाहर न निकलें
बुजुर्ग, बच्चे और गर्भवती महिलाएं रखें विशेष ध्यान-सीएमएचओ डॉ. शर्मा
भीलवाड़ा, 16 अप्रैल। जिले में लगातार बढ़ते तापमान और लू-तापघात के खतरे को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से सतर्कता बरतने की अपील की है। भीषण गर्मी का असर विशेष रूप से बुजुर्गों, कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और शुगर व बीपी जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों पर अधिक पड़ सकता है, ऐसे में इन वर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने सभी चिकित्सा संस्थानों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में अस्पतालों में शुद्ध पेयजल, ओआरएस, ड्रिपसेट सहित आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को त्वरित उपचार मिल सके।
सीएमएचओ डॉ. शर्मा ने आमजन से अपील की है कि लू-तापघात से बचने के लिए दिन के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें और शरीर को ढककर ही बाहर जाएं। पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें तथा नींबू पानी, नारियल पानी और जूस जैसे तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाएं।
लू-तापघात के लक्षण-
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. प्रवीण झरवाल ने बताया कि लू-तापघात के प्रमुख लक्षणों में तेज सिरदर्द, अत्यधिक प्यास, शरीर में भारीपन, चक्कर आना, जी मिचलाना, पसीना आना बंद होना, त्वचा का सूखा व लाल होना और गंभीर स्थिति में बेहोशी शामिल हैं।
बचाव हेतु क्या करें-
लू से प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार स्थान पर लिटाकर उसके कपड़े ढीले कर दें। होश में आने पर ठंडे पेय पदार्थ, ओआरएस या कच्चे आम का पन्ना दिया जा सकता है। स्थिति गंभीर होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है। आपात स्थिति में 108 एम्बुलेंस सेवा का उपयोग करें।
बचाव के लिए जरूरी सावधानियां-
धूप में निकलते समय हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें, सिर और गर्दन को ढककर रखें। अधिक भीड़भाड़ और घुटन वाले स्थानों से बचें। बिना भोजन किए घर से बाहर न निकलें और कार्य के दौरान छाया व पानी की व्यवस्था रखें। साथ ही, बंद गाड़ी में बच्चों को कभी भी अकेला न छोड़ें और अत्यधिक चाय-कॉफी के सेवन से बचें। आमजन इन सावधानियों का पालन कर खुद को और अपने परिवार को लू-तापघात के खतरे से सुरक्षित रखें।
