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नशा माफिया पर झालावाड़ पुलिस की आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक: तस्कर बबलू तंवर की 5.59 करोड़ की संपत्ति स्थाई फ्रीज
झालावाड़ 14 अप्रेल। झालावाड़ जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के नेतृत्व में झालावाड़ पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए ‘ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0’ का सफल आगाज किया है। इस अभियान के तहत पुलिस ने फरार इनामी तस्कर बबलू तंवर और उसके सहयोगियों द्वारा नशे के कारोबार से अर्जित की गई 5 करोड़ 59 लाख 7 हजार 389 रुपये की चल-अचल संपत्तियों को स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया है।
काली कमाई से खड़ी की थी आलीशान सल्तनत
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भाग चन्द्र मीना ने बताया कि तस्कर बबलू तंवर निवासी पालखंदा थाना घाटोली लंबे समय से स्मैक तस्करी के अवैध कारोबार में लिप्त था। उसने तस्करी से प्राप्त अवैध आय के माध्यम से अपने और अपने सहयोगियों के नाम पर अकूत संपत्ति जुटाई थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि तस्कर ने आलीशान मकान, व्यापक कृषि भूमि और लग्जरी वाहनों का बेड़ा तैयार किया था। झालावाड़ पुलिस की एमओबी शाखा ने इन संपत्तियों का गोपनीय डेटाबेस तैयार किया, जिसके बाद घाटोली थाना पुलिस ने फ्रीजिंग की कार्यवाही को अंजाम दिया।
संपत्तियों का विवरण और मूल्यांकन
राजस्व विभाग और सार्वजनिक निर्माण विभाग के समन्वय से की गई इस कार्यवाही में करीब 2.03 करोड़ रुपये मूल्य के 05 मकान, 3.01 करोड़ रुपये बाजार मूल्य की 08 विभिन्न कृषि भूमियां और 54.06 लाख रुपये मूल्य के दुपहिया, चौपहिया और जेसीबी सहित कुल 04 वाहन फ्रीज किया गया है। फ्रीज की गई इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब ₹ 5,59,07,389/- है।
सक्षम प्राधिकारी (दिल्ली) की लगी
थानाधिकारी घाटोली द्वारा एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F के तहत संपत्तियों को फ्रीज करने का प्रस्ताव दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी को भेजा गया था, जिसे विधिक रूप से अनुमोदित कर दिया गया है। अब तस्कर और उसके सहयोगी इन संपत्तियों का न तो उपयोग कर सकेंगे और न ही इन्हें बेच पाएंगे। इससे समाज में स्पष्ट संदेश गया है कि अपराध से अर्जित संपत्ति कभी स्थाई नहीं रहती।
इस सफल ऑपरेशन में एएसआई विभागीय जांच हेमन्त शर्मा, हेड कांस्टेबल एमओबी पिंकू मैरोठा, और साइबर टीम के कांस्टेबल वीकेश कुमार शर्मा व नितेश यादव की विशेष भूमिका रही। एसपी अमित कुमार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ‘ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0’ के माध्यम से पुलिस न केवल तस्करों को सलाखों के पीछे भेजेगी, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियों को कुर्क कर उनके रसूख को भी पूरी तरह खत्म करेगी। जिले को नशामुक्त करने के लिए झालावाड़ पुलिस का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।