ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर ने राष्ट्रपति से भेंट की
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ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर ने राष्ट्रपति से भेंट की

रजथान व्यूज। ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर, महामहिम डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने आज (16 अप्रैल, 2026) राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से भेंट की।

डॉ. स्टॉकर की पहली भारत यात्रा पर उनका स्वागत करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच लोकतंत्र और कानून के शासन जैसे साझा मूल्यों पर आधारित घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2024 में भारत और ऑस्ट्रिया के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की यात्रा ने हमारे संबंधों को एक नई दिशा दी, जिससे नवाचार, नवीकरणीय एवं स्वच्छ ऊर्जा, हाइड्रोजन, जल एवं अपशिष्ट प्रबंधन तथा एआई जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार हुआ है।

राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि यह यात्रा भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के निष्कर्ष के तुरंत बाद हो रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे भारत और ऑस्ट्रिया के बीच बढ़ते व्यापार और निवेश संबंधों को एक नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रियाई कंपनियों के लिए भारत में व्यापार और निवेश के विस्तार के व्यापक अवसर हैं, विशेष रूप से सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और एआई जैसे उभरते क्षेत्रों में। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत और ऑस्ट्रिया दोनों ही ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्थाएं हैं और विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा नवाचार में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि 2024 में शुरू किया गया ‘इंडिया-ऑस्ट्रिया स्टार्टअप ब्रिज’ इस क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत कर रहा है।

दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि यह यात्रा भारत और ऑस्ट्रिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों के सभी महत्वपूर्ण आयामों को गति प्रदान करेगी।