प्रो. सारस्वत ने तोड़ा कार्यवाहक कुलगुरु का मिथक
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प्रो. सारस्वत ने तोड़ा कार्यवाहक कुलगुरु का मिथक

छह माह में प्रशासनिक और शैक्षणिक सुधार
उदयपुर, 14 अप्रैल
: मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय में पिछले छह माह से कार्यवाहक कुलगुरु के रूप में कार्यरत प्रो. बी.पी. सारस्वत ने कई महत्वपूर्ण फैसले लेकर कामचलाऊ व्यवस्था की धारणा को तोड़ा है। स्थायी कुलगुरु की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है, लेकिन इस दौरान विश्वविद्यालय में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिले हैं।
कार्यभार संभालते ही उन्होंने प्रबंध मंडल की बैठक बुलाकर बजट पारित कराया। साथ ही अकादमिक परिषद और अधिष्ठाता परिषद की नियमित बैठकों से कई नवाचार लागू किए गए।
परीक्षा आवेदन की हार्ड कॉपी जमा करने की बाध्यता खत्म की गई। अब माइग्रेशन और प्रोविजनल प्रमाण पत्र सहित कई सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है। करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत शिक्षकों की लंबित पदोन्नतियां आगे बढ़ाई गईं। वहीं, अशैक्षणिक कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया भी 15 दिनों में पूरी कर आदेश जारी किए गए। करीब 200 लंबित शोध प्रकरणों का निस्तारण किया गया। समय पर परीक्षा और परिणाम सुनिश्चित करने के साथ 33वां दीक्षांत समारोह भी सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।