मेनार में नीलकंठ महादेव मंदिर पर 5 दिवसीय रुद्र मारुति महायज्ञ शुरू
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मेनार में नीलकंठ महादेव मंदिर पर 5 दिवसीय रुद्र मारुति महायज्ञ शुरू

उदयपुर। जिले के वल्लभनगर उपखण्ड क्षेत्र के मेनार गांव में ब्रह्म सागर की पाल पर स्थित प्राचीन श्री नीलकंठ महादेव एवं हनुमान मंदिर में कलश एवं ध्वजादंड स्थापना तथा रुद्र मारुति महायज्ञ को लेकर पांच दिवसीय भव्य धार्मिक आयोजन का शुभारंभ हुआ। मंदिर के जीर्णोद्धार के पश्चात आयोजित इस महायज्ञ को लेकर पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का वातावरण बना हुआ है। ग्रामीणों एवं आयोजन समिति के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम के दूसरे दिन मंगलवार को विभिन्न धार्मिक हवन अनुष्ठानों की शुरुआत पंडित अंबालाल शर्मा व शंकरलाल चौबीसा के सानिध्य में विधिवत रूप से की गई। प्रातः काल से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ने लगी और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना का क्रम जारी रहा। ग्रामीण विजय लाल भोपाजी,नाथूलाल रामावत ने बताया कि मंगलवार प्रातः 7:30 बजे ब्रह्म सागर की पाल पर हेमाद्री स्नान के लिए सभी जोड़ों का आगमन हुआ। इसके पश्चात हनुमान नगर खेड़ा में पंचमुखी हनुमान जी मंदिर प्रांगण में पंडितो के सानिध्य में विशेष पूजा-अर्चना एवं नवचंडी हवन अनुष्ठान संपन्न हुए। हनुमान नगर खेड़ा में पंचमुखी हनुमान जी मंदिर प्रांगण से पंचमुखी हनुमानजी की मूर्ति की भव्य शोभायात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिनमें महिलाएं, पुरुष और युवा वर्ग विशेष उत्साह के साथ भजन-कीर्तन करते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा मंदिर प्रांगण से प्रारंभ होकर गांव के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होती हुई ब्रह्म सागर की पाल पर स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर पहुंची। मार्ग में जगह-जगह ग्रामीणों द्वारा पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। पूरे मार्ग में जय श्री राम और हनुमान जी महाराज की जय के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। दोपहर 3 बजे मंडप में वैदिक विधान से यज्ञ की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। शाम 5 बजे नवग्रह पूजा के साथ पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति को जल में विधिवत अधिवासन कराया गया। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। वहीं शाम 4 बजे मंदिर प्रांगण में यज्ञशाला में अग्नि स्थापना की गई। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया है। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि आगामी दिनों में यज्ञ, हवन व धार्मिक कार्यक्रम का क्रम निरंतर जारी रहेगा। इस महायज्ञ के आयोजन से न केवल धार्मिक आस्था को बल मिला है, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक एकता और सामूहिक सहभागिता का भी संदेश प्रसारित हो रहा है। इस धार्मिक कार्यक्रम को लेकर प्रतिदिन शाम को ग्रामीणों द्वारा धर्म बोलियां लग जा रही है जिसमें ग्रामीण बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। हवन अनुष्ठान के लिए अंतिम बोलिया छूट गई है जिसमें हवन कुंड-1 के लिए प्रधान जोड़ी घी हवन की अंतिम धर्म बोली कन्हैयालाल पुत्र शंकरलाल रामावत ने 221000 रुपए के नाम रही। साकल्य प्रधान कुंड द्वितीय जोड़ी की 7100 रुपए कमलाशंकर एकलिंगदासोत के नाम, साकल्य प्रधान कुंड तृतीय जोड़ी 7100 रुपए प्रभुलाल गदावत के नाम, साकल्य प्रधान कुंड चतुर्थ जोड़ी 7100 रुपए नाथूलाल रामावत के नाम छूटी।