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श्रीकृष्ण के जयकारों के साथ कथा की भव्य पूर्णाहुति
– 7 दिवसीय संगीतमय भागवत कथा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दी आहुति
उदयपुर, (राजस्थान व्यूज)। शहर के विवेक नगर सेक्टर-3 स्थित विवेक पार्क में आयोजित 7 दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का समापन सोमवार को भक्ति, उल्लास और श्रद्धा के वातावरण में हुआ। कथा के सातवें दिन पूर्णाहुति के अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हवन में आहुति देकर धर्मलाभ प्राप्त किया।
कथा व्यास पुष्कर दास महाराज ने प्रवचनों में मेवाड़ के पूज्य संत चतुर सिंह बावजी एवं महान संत महात्मा भूरी बाई के पावन जीवन चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन में किए जाने वाले सत्कर्म, पूजा और पाठ तभी सार्थक होते हैं, जब व्यक्ति सत्संग से जुड़ता है। सत्संग से ही सही मार्ग और सत्कर्म की विधि का ज्ञान प्राप्त होता है। जहां सच्ची भक्ति होती है, वहां स्वयं ईश्वर का वास होता है।
महाराज ने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों ही अवतारों ने जीवन में अनेक संघर्षों का सामना किया, किंतु धर्म और मर्यादा का पालन करते हुए आदर्श स्थापित किए। राम और भरत के प्रेम तथा कृष्ण और सुदामा की मित्रता का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि परिवार और समाज में प्रेम, समर्पण और अपनत्व का वातावरण होना चाहिए।
सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए महाराज ने बताया कि सच्ची मित्रता में किसी प्रकार का अहंकार या दूरी नहीं होती। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने बालसखा सुदामा का जिस प्रेम और सम्मान के साथ स्वागत किया, वह हमें सिखाता है कि सच्चे संबंधों में औपचारिकता नहीं, बल्कि आत्मीयता होती है। उन्होंने यह भी कहा कि दर्शन में दूरी हो सकती है, लेकिन मिलने में सच्ची निकटता होती है।
कथा के अंतिम दिन पूरा पांडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। भजनों और महाआरती के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे। सभी भक्तों ने हाथ उठाकर श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में गूंज उठा। इस अवसर पर व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को श्रीमद्भगवद्गीता प्रसाद स्वरूप वितरित की गई। कथा पूर्णाहुति के अवसर पर विवेक नगर मंडल के सदस्यों द्वारा पूज्य महाराज का पगड़ी, शाल व उपरना ओढ़ाकर सम्मान किया गया। संयोजक विठ्ठल वैष्णव ने बताया कि कथा के सातवें दिन डॉ. के.के. छापरवाल, डॉ. बी.एल. असावा, दिनेश भट्ट,चंदन सिंह भाटी, यशवंत पालीवाल, नरेंद्र वैष्णव, गोपाल सैनी, लव शर्मा, शिव गौड़, श्याम लाहोटी, सत्यनारायण सुखवाल, राम सिंह, अर्चना आमेटा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
