- राजस्थान व्यूज़ |
- डूंगरपुर
353 ग्राम पंचायतों का दो बार सघन निरीक्षण
80 ग्राम विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस
व 30 को चार्जशीट, ग्राम पंचायतों में मची खलबली
डूंगरपुर, 13 अप्रैल। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में दृश्यमान स्वच्छता स्थापित करने हेतु समस्त गांवों में सड़क सफाई, सार्वजनिक स्थलों, सामुदायिक शौचालयों की नियमित स्वच्छता कराए जाने का कार्य ग्राम पंचायतों/संवेदको के माध्यम से विगत दो वर्षों से कराया जा रहा है। गाँवों में ठोस कचरा प्रबंधन हेतु कचरा पात्र लगवायें गये। कचरा संग्रहण केन्द्रों का निर्माण, तरल कचरा प्रबंधन हेतु सोख्ते गड्डे, ॅैच् का निर्माण कराया गया। सामुदायिक शौचालयों की क्रियाशीलता हेतु नियमित सफाई के लिये व्यवस्था की गई।
पंचायतीराज मंत्री के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में दृश्यमान स्वच्छता स्थापित करने हेतु 28 फरवरी 2026 तक समस्त गांवों में नियमित सड़क सफाई, नाली सफाई, घर-घर कचरा संग्रहण, सामुदायिक शौचालयों की सफाई कराने के साथ ही कचरे का कचरा संग्रहण केन्द्रों में ले जाकर पृथ्थकरण कर वैज्ञानिक तरिके से प्रबंधन कार्य किये जाने थे।
जिला स्तर से जिला कलक्टर द्वारा गाँवों में स्वच्छता हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश के क्रम में मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़ ने आदेश जारी कर प्रत्येक माह के प्रथम व तृतीय सप्ताह के मंगलवार व बुधवार को सघन स्वच्छता अभियान चलाकर आम रास्तों, सड़कों, सार्वजनिक स्थलों, सामुदायिक शौचालयों की सफाई कराने हेतु गांवों में पड़े कचरों के ढेरों (लिगेसी वेस्ट) को हटाने, सामुदायिक शौचालयों व कचरा संग्रहण केंद्रों को क्रियाशील बनाने के निर्देश प्रदान किए।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़ व अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल पहाडि़या ने विकास अधिकारियों, सहायक विकास अधिकारियों, अतिरिक्त प्रभारी, ब्लॉक कॉडिनेटर और ग्राम विकास अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर अभियान को सफल बनाने हेतु ग्रामीण क्षेत्रों के महत्वपूर्ण स्थल जैसे – मुख्य मार्ग, बाजार, बस स्टेण्ड़, पर्यटक स्थल, ऐतिहासिक स्थलों की सफाई, घर-घर कचरा संग्रहण कर उसे कचरा संग्रहण केन्द्रों में पहूचाकर कर उनका पृथ्थकरण करवाने एवं कचरा केन्द्रों को शत-प्रतिशत क्रियाशील करवाने आवश्यक दिशा निर्देश दिऐ, ग्रामीण क्षेत्रों में एकत्रित कचरे के ढ़ेर (लिगेसी वेस्ट साईट) की सफाई करवाने, सामुदायिक स्वच्छता परिसर की सफाई एवं उन्हे शत-प्रतिशत क्रियाशील बनाने, जलाशयों के निकट के क्षेत्र को स्वच्छ रखने एवं आसपास के कचरे को हटाने, प्लास्टिक कचरे को संग्रहित कर उसे कचरा संग्रहण केन्द्र पर पहूचानें हेतु आदि बिन्दूओं पर विस्तार से चर्चा कर अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिये।
जनवरी से अब तक पांच बार सघन स्वच्छता अभियान आयोजित किए जाने के बाद धरातल पर स्वच्छता की स्थिति जांचने के लिए जिले के 174 अधिकारियों द्वारा 27 मार्च, 1 अप्रैल, 2 अप्रैल को प्रथम गहन निरीक्षण अभियान व 7, 8 और 9 अप्रैल को निर्देशानुसार द्वितीय गहन निरीक्षण अभियान चलाया गया। जिसमें स्वच्छता कार्यों में 110 ग्राम पंचायतों में ग्राम विकास अधिकारियों द्वारा स्वच्छता कार्य नियमित नहीं कराये जाने से स्थिति खराब पायी गयी। खराब स्थिति वाली ग्राम पंचायतों में से 80 ग्राम विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस व 30 ग्राम विकास अधिकारियों को चार्जशीट जारी की गई।
स्वच्छता में लापरवाही पर की गई कार्यवाही से ग्राम विकास अधिकारी वर्ग में हड़कंप मचा हुआ है और अपनी-अपनी पंचायतों में स्वच्छता कार्यों के लिए गंभीर रूप से कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। जिससे जिले में दृश्यमान स्वच्छता का वातावरण बन रहा है।
अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल पहाडि़या ने बताया कि माननीय मंत्री महोदय, पंचायतीराज मंत्री ग्रामों में स्वच्छता के प्रति संवेदनशील है, ग्रामीण स्वच्छता कार्यों में लापरवाही पर तत्काल नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। दिनांक 10 अप्रैल, 2026 को पांच ग्राम पंचायतों का हिराता, पारडा मोरू, आंतरी, झोंथरी व गैंजी का औचक निरीक्षण किया गया। जिसमें स्वच्छता कार्यों की स्थिति संतोषप्रद नहीं पाये जाने पर दो ग्राम विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस, दो को चार्जशीट देते हुए ग्राम विकास अधिकारी ग्राम पंचायत गैंजी को बार-बार सूचित किये जाने के बाद भी स्वच्छता कार्यों में उदासीनता, शिथिलिता एवं लापरवाही बरतने पर निलम्बित किया गया है।
जिले में समय-समय पर अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण किये जाकर स्वच्छता कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कार्मिकों के विरूद्ध नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
