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अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में पर्यावरणीय चुनौतियों पर हुआ गहन मंथन
उदयपुर। राजस्थान विद्यापीठ के शिक्षा संकाय लोकमान्य तिलक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय एवं सर्व विद्यालय केलवानी मंडल, काडी (गांधीनगर, गुजरात) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एनवायरमेंटल अवेयरनेस फ्रॉम नॉलेज टू एक्शन पर्यावरणीय जागरूकता – ज्ञान से क्रिया तक विषयक दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन बुधवार को महाविद्यालय के सभागार में सम्पन्न हुआ। दो दिवसीय सेमीनार में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने कहा कि विकास के साथ-साथ कई नकारात्मक पर्यावरणीय प्रभाव भी तेजी से सामने आ रहे हैं। इन चुनौतियों को कम करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर पहल करने की आवश्यकता है। उन्होंने देश और मानवता के अस्तित्व की रक्षा के लिए सभी को संकल्प लेकर कार्य करने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि डॉ. रामभुज सीईओ,मोबियस फाउंडेशन ने कॉन्फ्रेंस की अनुशंसाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में वास्तविक परिवर्तन के लिए मजबूत पर्यावरणीय नीति की आवश्यकता है। विशिष्ट अतिथि कृषि सलाहकार प्रो. आईजे माथुर ने कहा कि कृषि और प्रदूषण का सीधा संबंध बन गया है तथा रासायनिक उर्वरकों का उपयोग जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने कार्बन क्रेडिट के महत्व और बायोचार जैसे उपायों की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। प्रारंभ में प्राचार्य प्रो. सरोज गर्ग ने अतिथियों का स्वागत किया। डॉ. रचना राठौड ने दो दिवसीय सेमीनार की रिपोर्ट प्रस्तुत की। डॉ. कुसुम यादव, डॉ. हेमेन्द्र सोनी ने सेमीनार के अपने अनुभवों को साझा किया। अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कड़ी सर्वा विश्वविद्यालय शिक्षा संकाय की डीन प्रो. वीणा पटेल ने एनवायरमेंटल अवेयरनेस को नॉलेज से एक्शन में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश दिया तथा वैश्विक चुनौतियों के समाधान हेतु सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. रामभुज एवं प्रो. सीमा जालन की उपस्थिति में -द इम्पैक्ट ऑफ करंट जियोपॉलिटिकल रिस्क ऑन द एनवायरमेंट ग्लोबली एंड इट्स हार्मफुल इफेक्ट्स ऑन द वर्ल्ड यानी क्लाइमेट चेंज, ग्रीनहाउस गैसेस, ग्लेशियर्स, ओवरहीटिंग एंड हेल्थ इश्यूज पर 8 शोधपत्रों का वचन किया गया। कड़ी सर्व विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय की डीन प्रा.े गीता पटेल और डॉ. मधु शर्मा की उपस्थिति में ह्यूमन इंटरफेरेंस विथ द एनवायरमेंट एंड बायोडायवर्सिटी अंडर थ्रेटरू कॉजेस एंड सॉल्यूशंस पर दस शोधपत्रों का प्रस्तुतीकरण ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड पर प्रतिभागियों की ओर से किया गया। दो दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में विषय से जुड़े अलग अलग 140 से अधिक पेपर प्रस्तुत किए गए, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका के मोजांबिक, दुबई, सहित केरल, मध्यप्रदेश,गुजरात, पंजाब,राजस्थान के प्रतिभागी शामिल थे। एनवायरमेंटल कंजर्वेशन, सस्टेनेबल डेवलपमेंट, वॉटर मैनेजमेंट, बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन एवं क्लाइमेट चेंज जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। संचालन डॉ. हरीश चौबीसा ने किया जबकि आभार डॉ. भविक शाह ने जताया। इस मौके पर प्रो. वीणा पटेल, डॉ. मधु शर्मा, प्रोे. रचना राठौड, प्रो. अमी राठौड़, प्रो. सुनीता मुड़िया, प्रो. बलिदान जैन, प्रो. बीएल श्रीमाली, डॉ. भाविक शाह, डॉ. अमित बाहेती, डॉ. कैलाश चंद्र चौधरी, डॉ. कुसुम यादव, डॉ. मनीषा सक्सेना, डॉ. पुनीत पंड्या, डॉ. जगदीश पटेल, डॉ. सरिता मेनारिया, डॉ. हरीश मेनारिया, डॉ. अमित दवे डॉ. पल्लव पांडे, डॉ. तिलकेश आमेटा, डॉ. हिम्मत सिंह, डॉ. रेनू हिंगण , डॉ. इंदु आचार्य सहित शिक्षाविद् एवं स्कोलर्स उपस्थित थे। आदि की उपस्थिति रही।
