उदयपुर फाइल्स प्रकरण में किस बीजेपी के नेता को बचाया जा रहा— टीकाराम जूली
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उदयपुर फाइल्स प्रकरण में किस बीजेपी के नेता को बचाया जा रहा— टीकाराम जूली

उदयपुर। उदयपुर प्रवास के दौरान शुक्रवार को यहां सर्किट हाउस में राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जुली ने पत्रकारों से बातचीत में उदयपुर में भाजपा की महिला नेता के अश्लील वीडियो मामले में कहा कि भाजपा महिला नेता से संबंधी अश्लील वीडियो मामले में रिपोर्ट दर्ज होती है और रातों रात आरोपी को घर से उठाकर लाया जाता है। उन्होंने सवाल किया कि रात में पुलिस के साथ कौन लोग थे। कौन भाजपा के नेता थे जो साथ गए थे। रात को दरवाजे तोडकर आरोपी को लाया जाता है। रातों रात जांच चेंज कर दी जाती है। दिल्ली के निर्देश पर जयपुर को तो पता ही नहीं होता है जांच कहां से कहां चेंज हो गई। और अब तो चार्जशीट भी दाखिल हो गई। चार्जशीट में यह भी पाया गया है कि वीडियो एआई से नहीं बनाए गए हैं। यह भी पाया गया है कि कोई व्यक्ति है। एक व्यक्ति माना है और लोगों को तो नहीं माना है। पर एक व्यक्ति कौन है उसका भी नाम नहीं बताया गया, तो पुलिस क्या जांच कर रही है। कौन बीजेपी का नेता है जिसको बचाना चाहते है। जूली ने कहा कि वे पूछना चाहते हैं कि क्या ऐसे ही पुलिस की कार्रवाई चलती है। जो दोषी है, जिसने गडबड की हैं। आपने दिल्ली में तो हल्ला मचा रखा है कि महिला रिजर्वेशन का, महिला सुरक्षा का। बीजेपी की खुद की पार्टी की महिला पदाधिकारी सुरक्षित नहीं है तो दूसरे की क्या बात करोगे आप लोग। भाजपा नेता का नाम उजागर करने के सवाल पर जुली ने कहा कि नाम पुलिस उजागर करे। उन्होंने सारा घटनाक्रम का खुलासा किया था। सारा घटनाक्रम बता दिया लेकिन नाम की जहां तक बात है उसकी मर्यादाएं है। वीडियो देखने के सवाल पर जुली ने देखने से इंकार करते हुए कहा कि वे ऐसी चीजें नहीं देखते। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस की सरकार होती और कांग्रेस का भी कोई व्यक्ति होता तो सलाखों के पीछे जाता। दूध का दूध पानी का पानी होता। न्याय होता, अन्याय नहीं होता। जूली ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान स्थिति सभी के सामने है और ऐसा प्रतीत होता है कि प्रदेश में सरकार नहीं बल्कि “सर्कस” चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपनी सरकार बचाने में व्यस्त हैं और प्रदेश को समय देने की बजाय दिल्ली पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। इसी कारण पंचायती राज एवं नगर निकाय चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान वह प्रदेश है जहां से पंचायती राज व्यवस्था की शुरुआत हुई, लेकिन आज उसी प्रदेश में चुनाव टाले जा रहे हैं, जिसके चलते भारत सरकार द्वारा लगभग 3000 करोड़ रुपये की राशि भी रोक दी गई है। उनका आरोप था कि चुनाव होने पर भाजपा की हार के डर से सरकार चुनाव नहीं करवा रही है। रिफाइनरी में आग लगने की घटना पर जूली ने कहा कि यह राजस्थान का ड्रीम प्रोजेक्ट था, जिससे प्रदेश के युवाओं को बड़े स्तर पर रोजगार और आर्थिक लाभ मिलना था। उन्होंने बताया कि परियोजना का शिलान्यास कांग्रेस सरकार के समय सोनिया गांधी, तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा किया गया था तथा उस समय इसकी लागत लगभग 37 हजार करोड़ रुपये थी। जूली ने आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन के बाद परियोजना को रोका गया और बाद में दोबारा शिलान्यास कराया गया। उन्होंने कहा कि परियोजना का लगभग 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका था, लेकिन शेष कार्य में ढाई वर्ष लगा दिए गए और प्रधानमंत्री के आगमन से ठीक पहले आग लगने की घटना हो गई। उन्होंने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि घटना की जांच कौन कर रहा है, क्या निर्देश दिए गए और जिम्मेदार कौन है—इस बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इतनी बड़ी लगभग 80 हजार करोड़ रुपये की परियोजना में जवाबदेही तय नहीं करना गंभीर बात है। शिक्षा के मुद्दे पर जूली ने कहा कि झालावाड़ में आदिवासी समाज के सात बच्चों की दुर्घटना में मृत्यु के बावजूद मुख्यमंत्री उनके परिवारों से मिलने नहीं गए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में ड्रॉप-आउट दर बढ़ रही है और नामांकन घट रहा है। उन्होंने बताया कि उदयपुर, डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों में हजारों विद्यार्थियों का नामांकन कम हुआ है। जर्जर विद्यालय भवनों की जांच के बाद हजारों स्कूल चिन्हित किए गए, लेकिन नए भवन निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया। जूली ने कहा कि शिक्षा विभाग में डेढ़ लाख से अधिक पद खाली पड़े हैं, जबकि सरकार ने सभी पद भरने का वादा किया था। उन्होंने विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, साइकिल, यूनिफॉर्म और स्कूटी जैसी योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिलने का भी आरोप लगाया। जूली ने कहा कि जनजातीय क्षेत्र के विकास के लिए मिलने वाला बजट खर्च नहीं किया जा रहा है तथा बिना टेंडर प्रक्रिया के सीधे खरीद के निर्देश दिए जा रहे हैं, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका है। उन्होंने इस मामले में जांच की मांग दोहराई। महिला सुरक्षा के मुद्दे पर जूली ने कहा कि भाजपा महिला सुरक्षा के नाम पर राजनीति करती है, जबकि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। महिला आरक्षण पर उन्होंने कहा कि 2023 में पारित बिल के बाद देश में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू है और अब सरकार को शीघ्र जनगणना एवं परिसीमन करवाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि महिला आरक्षण की पहल कांग्रेस ने सोनिया गांधी के नेतृत्व और मनमोहन सिंह सरकार के समय की थी। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार से लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने, शिक्षा एवं जनजातीय विकास पर ध्यान देने, रिफाइनरी आग प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा प्रदेश के लंबित चुनाव जल्द करवाने की मांग की। पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस देहात अध्यक्ष रघुवीरसिंह मीणा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष फतहसिंह राठौड, प्रदेश प्रवक्ता पंकज शर्मा व अन्य कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित रहे।