केसरियाजी में मई दिवस पर निकाला जुलूस
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केसरियाजी में मई दिवस पर निकाला जुलूस

उदयपुर। जनवादी मजदूर यूनियन द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय मेहनतकश दिवस पर केसरियाजी में जुलूस निकाला गया और सभा का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि समस्त मजदूर और किसानों की हालत सुधरने पर ही समाज के सभी तबकों का भला होगा। सभा की शुरुआत बंशीलाल परमार और उसकी सांस्कृतिक टोली ने ‘महंगाई की मार है’ गीत गाकर की। सभा की शुरुआत में जनवादी मजदूर यूनियन के अध्यक्ष डालचंद ने मजदूर दिवस का इतिहास बताया। मई दिवस की सभा में 8 घंटे काम, डबल ओवर टाइम और 30000 मासिक वेतन देने, सभी ठेका और संविदा कर्मियों को स्थाई करने, कुक कम हेल्पर को मजदूर मानकर न्यूनतम मजदूरी देने, सभी जर्जर भवनों के लिए बजट देने, जंगल की जमीन पर खातेदारी पट्टे देने, मजदूरों, और आदिवासियों सहित हक की मांग करने वालों का दमन रोकने आदि मांगे भी रखी गई।  जनवादी मजदूर यूनियन के सचिव जयंतीलाल ने बताया कि इंसान की रोटी, कपड़ा, मकान की जरूरते समान है लेकिन सबकी मजदूरी मालिकों की मनमानी के हिसाब से अलग-अलग तय की जाती है। हिना परमार ने बताया कि समाज ने महिलाओं को बिना वेतन वाली मजदूर मान लिया गया है तथा  कार्यस्थल पर महिलाओं को इसी सोच के चलते पुरुष से भी कम मेहनताना दिया जाता है और दुर्व्यवहार किया जाता है। कुक कम हेल्पर गंगाबाई ने बताया कि राज्य सरकार ने 8034 रुपए न्यूनतम मजदूरी  तय की और सरकार ही कुक  कम हेल्पर को 2467 रुपए मासिक मजदूरी देकर न्यूनतम मजदूरी कानून को लागू नहीं कर वेट बेगार करा रही है। कुक कम हेल्पर संघर्षं समिति के नाना भगत ने दूध गर्म करने का मेहनताना नहीं देने का मसला उठाया। सभा में जीवराज,  कांतिलाल,  छात्रावास संघर्ष समिति के वीरेंद्र, मजदूर किसान हक संगठन के गणेश डामोर, कांताबाई, लक्ष्मीबाई ने भी विचार रखें।
संचालन जनवादी मजदूर, यूनियन धुलेव के सचिव ईश्वर लाल ने किया। सभा के बाद जनवादी मजदूर यूनियन की ओर से मजदूर दिवस पर केसरियाजी में ढोल धमाकों के साथ कस्बे में जुलूस निकाला जो पगलिया जी से रवाना होकर स्कूल मार्ग, पाटूणा चौक, मंदिर मार्ग, होते हुए बस स्टैंड पर जाकर सभा में बदल गया। जुलूस में आगे आगे महिला एवं पुरुष ढोल की थाप पर हाथों में मजदूरों का लाल झण्डा लहराते हुए नाचते, गाते और नारे लगाते चल रहे थे।