नारी शक्ति वंदन अधिनियम से महिलाओं को मिलेगा सशक्त प्रतिनिधित्व: महिमा कुमारी मेवाड़
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नारी शक्ति वंदन अधिनियम से महिलाओं को मिलेगा सशक्त प्रतिनिधित्व: महिमा कुमारी मेवाड़

33% आरक्षण से लोकसभा-विधानसभाओं में बढ़ेगी भागीदारी, महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया

राजसमंद। राजसमंद सांसद श्रीमती महिमा कुमारी मेवाड़ ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023” को देश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी पहल बताया है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम भारतीय लोकतंत्र को और अधिक समावेशी और सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इस कानून के माध्यम से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।

सांसद मेवाड़ ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह अधिनियम केवल एक विधायी परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर एक बड़ी क्रांति का संकेत है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया था, लेकिन अब यह अधिनियम उस कमी को दूर करेगा। इससे देश की आधी आबादी को नीति निर्माण में अपनी बात रखने और प्रभावी योगदान देने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े मुद्दों को अधिक संवेदनशीलता और प्रभावशीलता के साथ उठाया जा सकेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक न्याय जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के दृष्टिकोण से बेहतर नीतियां बन सकेंगी, जिससे समग्र विकास को गति मिलेगी।

सांसद मेवाड़ ने अधिनियम के लागू होने की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डालते हुए बताया कि यह कानून परिसीमन (Delimitation) प्रक्रिया के बाद प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार आवश्यक कदम उठा रही है, ताकि आने वाले समय में संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद देश की राजनीति में एक नया संतुलन देखने को मिलेगा।

उन्होंने इस अधिनियम के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि महिला आरक्षण का यह प्रयास लगभग तीन दशकों के लंबे इंतजार के बाद साकार हुआ है। वर्ष 1996 से लेकर अब तक कई बार इस विधेयक को संसद में प्रस्तुत किया गया, लेकिन विभिन्न कारणों से यह पारित नहीं हो पाया था। अब जाकर इसे संसद की मंजूरी मिलना भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

सांसद ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक निर्णय उनकी दूरदर्शिता और महिलाओं के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम उठा रही है, और यह अधिनियम उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

अंत में श्रीमती महिमा कुमारी मेवाड़ ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” आने वाले वर्षों में देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। इससे न केवल महिलाओं को सशक्त मंच मिलेगा, बल्कि देश के विकास को भी नई दिशा मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल “सशक्त नारी, सशक्त भारत” के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और आने वाले समय में इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर दिखाई देगा।