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शास्त्रीय नृत्य संगीत महोत्सव: ताल और झंकार के साथ विदा हुए 22 राज्यों के कलाकार
उदयपुर,(राजस्थान व्यूज)। झीलों की नगरी में कथक आश्रम उदयपुर और ऑल इंडिया डांसर्स एसोसिएशन (आइडा) द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘छठे शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत महोत्सव’ का भव्य समापन हुआ। इस महोत्सव में देश भर से आए कलाकारों ने अपनी ऊर्जावान प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। समापन अवसर पर 320 नृत्यकारों ने 82 विभिन्न प्रस्तुतियां देकर अपनी कला का लोहा मनवाया।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कांग्रेस देहात जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष पिंकी मांडावत, नोबल स्कूल फालना के अनंत सिंह, भारतीय टीम के पूर्व कप्तान कुलदीप सिंह राव, बड़ाला क्लासेज के डायरेक्टर राहुल बड़ाला और अनुष्का एकेडमी के डायरेक्टर राजीव सुराना ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम के अंतिम सत्र का शुभारंभ किया और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। विशेष प्रस्तुतियों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। ‘इंटरनेशनल कलातिलकम’ काव्या वेंकटचलम (मुंबई) ने कथक की अद्भुत प्रस्तुति दी। वहीं अमृत साहू और राजश्री दास ने भरतनाट्यम, शिल्पा राव ने कथक और अधिश्री सिंह ने कालबेलिया नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। निकुंज शेखर के शास्त्रीय गायन ने वातावरण को सुरीला बना दिया, तो प्रियांशी जोशी और ग्रुप द्वारा प्रस्तुत राजस्थानी लोक नृत्य ने प्रदेश की लोक संस्कृति के रंग बिखेरे। पुरस्कारों की कड़ी में दिल्ली की स्नेहा शाह और जोधपुर की दीपिका रजक को भरतनाट्यम के लिए ‘ताँबावती नगरी सम्मान’ से नवाजा गया। वहीं, अमृत सिन्हा के नेतृत्व में लखनऊ पब्लिक स्कूल एंड कॉलेजेज को उनकी उत्कृष्ट भागीदारी के लिए ‘आउटस्टैंडिंग स्कूल’ का अवार्ड प्रदान किया गया। कथक आश्रम की निदेशक चंद्रकला चौधरी ने बताया कि दो दिनों चले इस शास्त्रीय समागम में 22 राज्यों की संस्कृतियों का मिलन हुआ। समापन समारोह में आइडा निदेशक रितेश बाबू और सचिव चंद्रगुप्त सिंह चौहान सहित कला जगत के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। आयोजन ने न केवल शास्त्रीय कलाओं को मंच दिया, बल्कि उदयपुर को सांस्कृतिक पर्यटन के केंद्र के रूप में भी मजबूती प्रदान की।
