सिंधी समाज की विभूतियों, पुरोधाओं व समाजसेवियों का गरिमामय अभिनंदन
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सिंधी समाज की विभूतियों, पुरोधाओं व समाजसेवियों का गरिमामय अभिनंदन

उदयपुर,(राजस्थान व्यूज)। जवाहर नगर स्थित सिंधू धाम में सिंधी समाज की विभूतियों, पुरोधाओं एवं विभिन्न पंचायतों से जुड़े समाजसेवियों का भव्य सिंधू शिरोमणी सम्मान अत्यंत गरिमामय, आत्मीय एवं भावनात्मक वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में समाज के वरिष्ठजन, गणमान्य नागरिक एवं विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे आयोजन की भव्यता और भी बढ़ गई। कार्यक्रम की शुरुआत समारोह के मुख्य अतिथि उदयपुर एमपी मन्नालाल रावत, एवं विशिष्ट अतिथि उदयपुर आयुक्त प्रज्ञा केवल रामानी थी एवं अपने समारोह की शुरूआत भगवान झूलेलाल साईं की मूर्ति पर माल्यार्पण एवं दीप प्रजनन करके की। सिंधी समाज जेएसपी के संरक्षक प्रताप राय चुग ने बताया कि इस वर्ष सम्मान का दायरा बढ़ाते हुए उदयपुर सिंधी समाज के भामाशाहों के साथ-साथ प्रत्येक पूज्य पंचायत से दो-दो समर्पित समाजसेवियों का चयन कर उन्हें सम्मानित किया गया है, ताकि जमीनी स्तर पर सेवा कर रहे लोगों को उचित पहचान मिल सके। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने देश विभाजन के कठिन दौर में अपने धर्म, संस्कृति और मूल्यों से कोई समझौता नहीं किया। विपरीत परिस्थितियों में उन्होंने अपना जन्मस्थान सिंध छोड़कर भारत आने का साहसिक और त्यागपूर्ण निर्णय लिया। वे सब कुछ पीछे छोड़कर केवल अपने परिवार, विश्वास और आत्मबल के सहारे यहां पहुंचे और शून्य से एक नई शुरुआत की। पूर्व राज्य मंत्री एवं जेएसपी अध्यक्ष हरीश राजानी ने बताया कि इस बार केवल वर्तमान पदाधिकारियों का ही नहीं, बल्कि समाज की नींव रखने वाले पूर्वजों के परिवारों का भी विशेष अभिनंदन किया गया है। उन्होंने कहा कि विभाजन के बाद की तीसरी पीढ़ी अपने पूर्वजों के त्याग, संघर्ष और मूल्यों के प्रति कृतज्ञता के साथ नतमस्तक है। कार्यक्रम में उन समर्पित समाजसेवियों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने वर्षों तक अपनी-अपनी पंचायतों एवं समाज के लिए तन, मन और धन से निस्वार्थ सेवा दी है। उपाध्यक्ष राजेश चुग ने बताया कि यह आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि सिंधी समाज की एकता, संगठन और सांस्कृतिक मूल्यों का जीवंत प्रतीक है। भारत खत्री के अनुसार कार्यक्रम का शुभारंभ सायं 7 बजे गणपति वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात समाजसेवियों को मंच पर आमंत्रित कर उनकी जीवन यात्रा एवं सेवा कार्यों पर प्रकाश डालते हुए उनके परिवार सहित सम्मानित किया गया। स्व. हकीम आसुदाराम, स्व. गेहरीलाल नारायणदास मेहता, स्व. जीवनदास मूलचंदानी, स्व. नेवंद राम चुग, स्व. होतचंद झांभ, स्व. रूपकुमार खुराना, स्व. प्रभुदास पाहुजा, प्रताप राय चुग, स्व. गोविंदराम कालरा, स्व. तीरथदास नेभनानी सहित अनेक समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में मनोहर गुरनानी, संतोष कालरा, सुरेश चावला, हरीश सिधवानी, किशोर सिधवानी, कमल पाहुजा, अशोक लिंजारा सहित अन्य सदस्यों का विशेष योगदान रहा। संचालन दुर्गेश चांदवानी एवं भावना मोरयानी द्वारा किया गया।