हास्य योग केवल मनोरंजन नहीं, जीवनशैली रोगों की प्रभावी औषधि—डॉ. प्रदीप कुमावत
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हास्य योग केवल मनोरंजन नहीं, जीवनशैली रोगों की प्रभावी औषधि—डॉ. प्रदीप कुमावत

उदयपुर,(राजस्थान व्यूज)। अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति, आलोक संस्थान एवं आलोक इंटरैक्ट क्लब के संयुक्त तत्वावधान में विश्व हास्य योग दिवस के तीन दिवसीय कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत बुधवार को तनाव मुक्ति और हास्य योग विषय पर एक विशेष सेमिनार का आयोजन आलोक संस्थान के व्यास सभागार में किया गया। इस अवसर पर हास्य योग विशेषज्ञ एवं आलोक संस्थान के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमावत ने कहा कि हास्य योग केवल मनोरंजन, कॉमेडी या चुटकुलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी वैज्ञानिक एवं प्रभावी विधा है जिसके माध्यम से तनाव मुक्ति के साथ-साथ अनेक जीवनशैली संबंधी बीमारियों को भी नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनाव, अवसाद, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग तथा फेफड़ों से जुड़ी समस्याएँ तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में हास्य योग एक सशक्त औषधि के रूप में कार्य करता है। उन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों में हास्य योग पर हुई शोध एवं अध्ययनों का उल्लेख करते हुए बताया कि नियमित हास्य योग से शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन का स्त्राव बढ़ता है, जो प्रसन्नता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है, जबकि कार्टिसोल जैसे तनाव उत्पन्न करने वाले हार्मोन का स्तर कम होता है। डॉ. कुमावत ने कहा कि हास्य योग रक्त संचार को बेहतर बनाता है, फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाता है, मन को हल्का करता है तथा व्यक्ति को समाज से जोड़ने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि मुस्कान एक ऐसा माध्यम है जो बिना किसी परिचय और बिना किसी संवाद के भी लोगों को जोड़ देती है। आज के दौर में लोग खुलकर हँसना भूल गए हैं, इसलिए हास्य योग की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। सेमिनार के दौरान डॉ. कुमावत ने छात्र-छात्राओं को बैठे-बैठे किए जा सकने वाले हास्य योग के अनेक नवीन प्रयोग एवं अभ्यास भी करवाए जिनमें सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में विश्व हास्य योग दिवस का लोगो एवं स्टिकर भी जारी किया गया तथा उदयपुर की आम जनता से  आगामी आयोजनों में अधिकाधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में शशांक टांक ने स्वागत किया। अंत में उपाचार्य जयपाल सिंह रावत ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने स्माइली थीम पर आधारित एक आकर्षक गीत एवं प्रस्तुति देकर वातावरण को आनंदमय बना दिया।
सेमिनार के दौरान उपस्थित विद्यार्थियों एवं नागरिकों ने सामूहिक ठहाकों और हास्य योग अभ्यासों के माध्यम से तनावमुक्त जीवन का संदेश दिया। कार्यक्रम का वातावरण पूरे समय उत्साह, सकारात्मक ऊर्जा और आनंद से परिपूर्ण रहा।