कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा बोले- ‘हम हिंदू नहीं’
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कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा बोले- ‘हम हिंदू नहीं’

 

2026 की जनगणना में अलग धर्म कोड की मांग; सैकड़ों आदिवासियों ने किया प्रदर्शन

उदयपुर, 16 अप्रैल: उदयपुर में गुरुवार को आदिवासी अस्मिता और पहचान का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा, जब डूंगरपुर से कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा ने सार्वजनिक रूप से कहा कि “आदिवासी न हिंदू हैं, न मुस्लिम और न ही ईसाई, हमारी अपनी अलग पहचान है।” उनके इस बयान ने आदिवासी समाज की उस लंबे समय से चली आ रही मांग को फिर मुखर कर दिया, जिसमें वे जनगणना 2026 में अलग ‘आदिवासी धर्म कोड’ की मांग कर रहे हैं।
संभागीय आयुक्त कार्यालय के बाहर सैकड़ों आदिवासी समाज के लोगों ने प्रदर्शन करते हुए अपनी पहचान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा की आवाज बुलंद की। रैली का नेतृत्व विधायक गणेश घोघरा ने किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आदिवासी समाज की जीवनशैली, पूजा-पद्धति और परंपराएं अन्य धर्मों से पूरी तरह अलग हैं, इसलिए उन्हें किसी अन्य धर्म की श्रेणी में शामिल करना उनकी अस्मिता के साथ अन्याय है।
“प्रकृति पूजक हैं आदिवासी”: दर्शन के दौरान विधायक गणेश घोघरा ने कहा कि आदिवासी समाज प्रकृति पूजक है और उनकी संस्कृति जल, जंगल और जमीन से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने उनकी अलग पहचान को मान्यता नहीं दी तो भविष्य में आदिवासियों की सांस्कृतिक विरासत और उनके पारंपरिक अधिकारों पर संकट खड़ा हो सकता है।
इतिहास का दिया हवाला: घोघरा ने दावा किया कि वर्ष 1871 से 1951 तक आदिवासियों की गिनती अलग धर्म श्रेणी में होती थी और उन्हें कोड नंबर 9 दिया गया था, लेकिन बाद में यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जैन धर्म के लिए अलग कोड हो सकता है तो करोड़ों आदिवासियों को यह अधिकार क्यों नहीं दिया जा रहा।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी : प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जनगणना 2026 में अलग धर्म कोड नहीं मिला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। समाज के प्रतिनिधियों ने संभागीय आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार तक मांग पहुंचाने की अपील की। यह प्रदर्शन साफ संकेत है कि आदिवासी समाज अब अपनी पहचान के सवाल पर निर्णायक लड़ाई के मूड में है।