मेवाड़ की वीरांगनाओं की परंपरा को आगे बढ़ाएगा ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ — सांसद महिमा कुमारी मेवाड
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मेवाड़ की वीरांगनाओं की परंपरा को आगे बढ़ाएगा ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ — सांसद महिमा कुमारी मेवाड

राजसमंद। राजसमंद सांसद श्रीमती महिमा कुमारी मेवाड़ ने संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत में नारी शक्ति का सम्मान कोई नया विषय नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और इतिहास की मूल भावना रही है। विशेष रूप से मेवाड़ की धरती इस गौरवशाली परंपरा की साक्षी रही है, जहां महिलाओं ने केवल समाज ही नहीं, बल्कि राष्ट्र और स्वाभिमान की रक्षा में भी समान भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि मेवाड़ की वीरांगनाओं—रानी पद्मावती (पद्मिनी) के अदम्य साहस, रानी कर्णावती के बलिदान, हाड़ी रानी की वीरता और त्याग, तथा संत मीराबाई की आध्यात्मिक शक्ति—ने यह सिद्ध किया है कि नारी केवल परिवार तक सीमित नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। इतिहास गवाह है कि जब-जब मेवाड़ पर संकट आया, तब-तब यहां की महिलाओं ने अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर नेतृत्व और त्याग का परिचय दिया।

सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं को भारतीय राजनीति में सशक्त भागीदारी का अवसर प्रदान करेगा। इस अधिनियम के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण सुनिश्चित किया गया है, जो उन्हें उनका उचित अधिकार और प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

उन्होंने आगे कहा कि यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं के प्रति सम्मान, समानता और न्याय की भावना का प्रतीक है। इससे देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका सशक्त होगी और भारत एक अधिक समावेशी एवं संतुलित लोकतंत्र की ओर अग्रसर होगा।

अंत में उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मेवाड़ की गौरवशाली परंपरा से प्रेरित होकर देश की महिलाएं इस अवसर का लाभ उठाएंगी और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय एवं प्रभावी भूमिका निभाएंगी।