आपणों खेत आपणी खाद अभियान
1 min read

आपणों खेत आपणी खाद अभियान

डूंगरपुर, 13 अप्रैल।मृदा स्वास्थ्य संवर्धन के लिए जिले में आपणो खेत आपणी खाद अभियान संचालन किया जा रहा है। अभियान के तहत ग्राम पंचायत गडा मोरैया में संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) जिला परिषद डूंगरपुर दलीप सिंह ने किसानों को मृदा को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित पोषण नितांत आवश्यक तथा रासायनिक उर्वरकों के ऊपर निर्भरता को कम करने के लिए एवं स्वंय के खेत पर निर्मित जैविक आदानों यथा देशी खाद, कंपोस्ट, वर्मी कंपोस्ट, हरिखाद, जैव उर्वरक आदि व जैविक विधियों यथा जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत आदि प्राकृतिक विधियों को स्वय के खेत पर अपनाने की जानकारी दी।
सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) डूंगरपुर गोविंद सिंह ने बताया की गर्मी की गहरी जुताई समतलीकरण एवं मेडबंदी, खाद एवं उर्वरक के संतुलित उपयोग मिट्टी की जांच सॉयल हेल्थ कार्ड की सिफारिशों के अनुसार उपयोग करना।

कृषि अधिकारी विनोद कुमार पटेल ने कहा कि डीएपी एवं युरिया उर्वरक के विकल्प रूप मे ं 3 बैग एसएसपी ़1 बैग युरिया, एनपीके उर्वरक, टीएसपी एक बैग, आधा बैग युरिया जैसे विकल्पों को अपना कर मुख्य पोषक तत्वों के साथ द्वितीयक तत्व जैसे सल्फर एवं केल्शियम इत्यादि भी प्राप्त होते है।
सहायक कृषि अधिकारी दीपक पटेल ने जैव उर्वरकों यथा राइजोबियम, एजेक्टोबेक्टर, पीएसबी व अन्य जैव कन्सोटिया के बारे में जानकारी दी।
कृषि पर्यवेक्षक प्रियंका डामोर ने फसल अवशेषों के प्रबंधन एवं फसल चक्र में दलहनी फसलों के समावेश एवं इसके लाभों की जानकारी दी। गोष्ठी में प्रगतिशील कृषक एवं अन्य कृषकों ने भाग लिया।
मृदा स्वास्थ्य संवर्धन के लिए जिले में आपणो खेत आपणी खाद अभियान के तहत रा.उ. मा.वि. बिछिवाडा के छात्र-छात्राओं को सहायक कृषि अधिकारी बिछिवाडा विद्याशंकर त्रिवेदी ने मृदा को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित पोषण, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने, देशी खाद, कंपोस्ट, वर्मी कंपोस्ट, हरिखाद, जैविक विधियों यथा जीवामृत, बीजामृत आद ि के उपयोंग के बारें में जानकारी दी।